सोमवार, 24 मार्च 2014

आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म की सर्वोच्च न्यायालय ने, दिया कड़ा निर्देश / AADHAR CARD IS NOT NECESSARY : SUPREME COURT



-शीतांशु कुमार सहाय।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह आधार कार्ड को सभी के लिए अनिवार्य बनाने के आदेश को तुरंत वापस ले। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश के बाद भी कि आधार कार्ड नही होने के कारण किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए, नागरिकों के जबरन आधार कार्ड बनवाने के लिए मजबूर किए जाने पर सरकार को तुरंत इसकी अनिवार्यता खत्म कराने का निर्देश दिया है। केन्द्र की यूपीए सरकार को कड़ा झटका देते हुए न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आधार कार्ड को सबके लिये अनिवार्य बनाने के आदेश को तुरंत वापस लेने का सोमवार 24 मार्च 2014 को निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि मुझे अनेक पत्र मिले हैं जिसमे कहा गया है कि अदालत के आदेश के बावजूद आधार कार्ड बनाना अनिवार्य है। एक पत्र में तो यह लिखा है कि उसकी शादी का पंजीकरण इसलिये नहीं हो सका, क्‍योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था। ऐसे ही एक और पत्र में लिखा है कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण मकान की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। पीठ ने कहा कि हम पहले ही आदेश दे चुके हैं कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिये और अगर कोई ऐसा निर्देश है कि आधार कार्ड होना अनिवार्य है तो उसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिये। पिछले साल सितंबर में ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड जनसुविधाओं के लिए जरूरी नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही आधार कार्ड की जानकारी बिना संबंधित शख्स की मंजूरी के साझा नहीं करने का भी निर्देश दिया है।

आपको ज्ञात ही है कि देशभर के गैस एजेंसी वालों ने आधार कार्ड को आधार बनाकर कितनी मनमानी की और ग्राहकों को काफी परेशान किया। केन्द्र व राज्य सरकारें चुप रहीं तब सितम्बर 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी थी मगर तब भी सरकार व उसकी विभिन्न योजनाओं में इसकी अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया गया था। इसलिये आज 24 मार्च 2014 को पुनः सर्वोच्च न्यायालय को कड़ा निर्देश देना पड़ा कि जहाँ भी इसकी अनिवार्यता केन्द्र या राज्य सरकारों ने जारी रखा है, उसे तुरन्त समाप्त किया जाये।

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