रविवार, 21 दिसंबर 2014

शीतांशु सहाय लिखित नृत्यनाटिका ‘बुद्धं शरणम्’ मंचित / Dance Drama "Buddham Sharanam" By Sheetanshu Sahay

झारखण्ड के देवघर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र ‘इंडियन पंच’ के शनिवार 20 दिसम्बर 2014 के अंक में प्रकाशित
बुद्ध के चरित्र में विशाल कुमार तिवारी व अंगुलीमाल के चरित्र में राम कुमार मोनार्क
 
बुद्ध की शरण में अंगुलीमाल व अन्य भक्तगण
 
नृत्यनाटिका ‘बुद्धं शरणम्’ का आमंत्रण पत्र
 
 


शनिवार, 20 दिसंबर 2014

दूल्हे ने लड़कीवालों से माँगा अनोखा 'दहेज' / Unique 'Dowry'


शीतांशु कुमार सहाय।
बिहार के शेखपुरा जिले के एक गाँव में एक युवक ने दहेज के रूप में 250 पौधे लगाने की शर्त रखकर पर्यावरण की रक्षा के लिए नया संदेश देने की कोशिश की है। शेखपुरा जिले के सदर प्रखंड के बादशाहपुर गाँव के रहनेवाले डॉ. प्रभात कुमार सिन्हा के बेटे डॉ. निशीथ कुमार ने अपनी शादी के लिए लड़कीवालों से दहेज के रूप में 250 पौधे लगाने की शर्त रखी। लड़कीवालों के लिए हालाँकि यह हैरानी वाली बात थी लेकिन पर्यावरण के प्रति जागरूक निशीथ के विषय में जब पता चला तब उन्हें गौरव महसूस हुआ। लड़कीवालों ने दूल्हे की माँग तुरंत मान ली। दूल्हा निशीथ और दुल्हन डॉ. जैसलीन जोधपुर में डॉक्टर हैं। दूल्हे के पिता राँची में डॉक्टर हैं और दुल्हन भी राँची की ही रहनेवाली है। लड़कीवाले द्वारा माँग मान लेने पर डॉ. निशीथ और डॉ. जैकलीन 15 दिसंबर को शादी हो गई। लड़कीवाले भी अपने किए गए वायदे के अनुसार शुक्रवार को बादशाहपुर गाँव पहुँचे और गाँववालों की मदद से दूल्हे की जमीन पर आम, अमरूद, नींबू सहित कई प्रकार के 250 पौधे लगाए। डॉ. जैकलिन के पिता डॉ. रविकांत सिन्हा भी पौधे लगाकर गर्व महसूस कर रहे हैं। इधर, इस अनूठी पहल को लेकर गाँववाले भी प्रसन्न हैं। गाँव के राजवंश सिंह कहते हैं, 'पर्यावरण की रक्षा और धरती को हरा-भरा रखने के लिए यह अनोखी पहल है। इससे समाज में एक नया संदेश जाएगा।' उन्होंने कहा कि इस पहल का अगर गाँव के सभी लोग ऐसा ही करें तो दहेज जैसी कुरीति समाप्त हो जाएगी, वहीं धरती भी हरी-भरी हो जाएगी। बिहार के भागलपुर जिले के धरहरा गाँव की पहचान जहाँ बेटियों के जन्म पर पौधरोपण करने के रूप में बनी है। वहाँ बेटी के जन्म के बाद लोग 10 पौधे लगाते हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी धरहरा जाकर वहाँ के लोगों की तारीफ कर चुके हैं।

झारखंड विधानसभा निर्वाचन 2014 का एक्जिट पोल : भाजपा को 52 सीटें / Jharkhand Assembly Election 2014 Exit polls : BJP 52 Seats



शीतांशु कुमार सहाय। 
झारखंड में पांचवे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद एक्जिट पोल के जरिए अलग-अलग चैनलों के अलग-अलग दावे शुरु हो गए हैं। एबीपी न्यूज के एक्जिट पोल में भाजपा को 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है वहीं इंडिया टीवी के एक्जिट पोल में भाजपा को 37 से लेकर 45 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इसी चैनल ने संभावना जताई है कि चुनाव में झामुमो दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और उसे न्यूनतम 15 और अधिकतम 23 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि एबीपी न्यूज झामुमो को बस दस सीटें मिलने की संभावना जता रहा है। इंडिया टीवी के एक्जिट पोल में झाविमो को चार से लेकर आठ सीटें मिलने की संभावना जताई गई है वहीं एबीपी न्यूज के पोल में झाविमो को छह और कांग्रेस को नौ सीटें मिलने की संभावना है। इंडिया टीवी के एक्जिट पोल में कांग्रेस तीन से लेकर अधिकतम नौ सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। सबसे तेज आजतक के एक्जिट पोल में भाजपा को 41 से लेकर 49 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं झामुमो को 15-19 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को चैनल के अनुसार 7-11 सीटे मिल सकती हैं वहीं अन्य दलों को 8-12 सीटे मिल सकती हैं। आबीएन सेवन के एक्जिट पोल के अनुसार भाजपा को चुनाव में 37-43 सीट मिल सकती है। वहीं झामुमो को 10-14 और झाविमो को 12-16 सीटें हासिल हो सकती है। कांग्रेस को चैनल के अनुसार चुनाव में 7-11 सीटें मिल सकती हैं। न्यूज नेशन चैनल के एक्जिट पोल के अनुसार भाजपा को चुनाव में 41-45 सीटें मिल सकती हैं वहीं झामुमो को 15-19 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। कांग्रेस की हालत खस्ता है और उसे 6-10 सीटों पर सिमटना पड़ सकता है। झाविमो को चैनल के अनुसार तीन से लेकर सात सीटें मिल सकती हैं। वहीं अन्य दलों को 7-13 सीटें हासिल हो सकती हैं। इन चैनलों के अनुसार भाजपा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभर रही है वहीं झामुमो दूसरे सबसे बड़े दल का दर्जा हासिल करेगा। कांग्रेस की हालत ठीक नहीं है वहीं झाविमो की स्थिति संतोषजनक है। किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी यह तय तो 23 दिसंबर का मतदान करेगा। जनता के साथ सभी राजनीतिक दलों को 23 दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है।


गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

प्रतिवर्ष 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस / WORLD YOG DAY ON 21 JUNE




-शीतांशु कुमार सहाय
संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को गुरुवार 11 दिसम्बर 2014 को न्यूयार्क स्थित मुख्यालय में मान्यता दे दी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम के. कुटेसा ने न्यूयार्क में इस आशय की घोषणा की। श्री कुटेसा ने कहा कि 170 से अधिक देशों ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव का समर्थन किया है जिससे पता चलता है कि योग के अदृश्य और दृश्य लाभ विश्व के लोगों को कितना आकर्षित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने प्रधानमं़त्री नरेन्द्र मोदी को भी बधाई दी जिनकी पहल से 21 जून को हर साल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सदियों से सभी वर्गों के लोग शरीर और मन को एकाकार करने में सहायक योग का अभ्यास करते आये हैं। योग विचारों एवं कर्म को सामंजस्यपूर्ण ढंग से एकाकार करता है तथा स्वास्थ्य को ठीक रखता है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि इस क्रिया से शान्ति एवं विकास में योगदान मिल सकता है। यह मनुष्य को तनाव से राहत दिलाती है। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि वे योग को प्रोत्साहित करने में मदद करें।