शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

इलेक्ट्रॉनिक कचरों से निपटने की समस्या / Dealing with the Problem of Electronic Waste

-शीतांशु कुमार सहाय


शिक्षा के बिना मेक इन इण्डिया अधूरा / Make in India is Incomplete Without Education

-शीतांशु कुमार सहाय


अपने खालीपन को ऊर्जा बनायें / Emptiness....Create Energy

-शीतांशु कुमार सहाय

 

प्रतिभा व परिश्रम का मेल / Combining the Talents and Labor

-शीतांशु कुमार सहाय
 

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

रेल बजट 2016-17 : 50 प्रमुख बातें / बिहार, झारखण्ड व पश्चिम बंगाल को क्या मिला....Railway Budget 2016-17: 50 key points / Bihar, Jharkhand and West Bengal did ....

 -शीतांशु कुमार सहाय
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वृहस्पतिवार 25 फरवरी 2016 को लोकसभा में पेश अपने रेल बजट भाषण में रेलवे के समक्ष पेश चुनौतियों का जिक्र किया लेकिन साथ ही कहा कि इन चुनौतियों से निपटने में वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता की पंक्तियों से प्रेरणा पाते हैं। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को बेहतर स्थिति में लाने का हम पर दबाव बना हुआ है, लेकिन मुझे इस समय, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कुछ पंक्तियां याद आ रही हैं जिन्होंने कहा था :
विपदाएं आती हैं आएं,
हम न रुकेंगे, हम न रुकेंगे,
आघातों की क्या चिंता है?
हम न झुकेंगे, हम न झुकेंगे।

रेल मंत्री ने कवि हरिवंश राय बच्चन की भी कुछ पंक्तियों को उद्धृत किया और अपनी अंदरूनी ताकत, विविध प्रतिभाओं और भरपूर अनुभव का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता को कुछ इस प्रकार बयान किया :
नव उमंग, नव तरंग,
जीवन का नव प्रसंग,
नवल चाह, नवजीवन का नव प्रवाह।

रेल मंत्री ने फिर से वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा :
जब तक ध्येय पूरा न होगा, तब तक पग की गति न रुकेगी,
आज कहे चाहे कुछ दुनिया, कल को बिना झुके न रहेगी।

सुरेश प्रभु ने अपना बजट भाषण समाप्त करते हुए भगवान बुद्ध का स्मरण किया और कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा है कि जब भी कोई व्यक्ति यात्रा करता है तो वह दो गलतियां कर सकता है : पहली यात्रा शुरू ही न करे और दूसरी सफर पूरा न करे। उन्होंने कहा,  हम अपना सफर पहले ही शुरू कर चुके हैं और मैं इस यात्रा को पूरा भी करना चाहता हूं। हम भारतीय रेल को समृद्धि अथवा सफलता की मंजिल तक पहुंचाने से पहले नहीं रुकेंगे।

रेल बजट 2016-17 की 50 प्रमुख बातें :

1-रेल बजट 2016-17 में तीन नयी सुपरफास्ट रेल गाड़ियां चलाने की घोषणा की गई है।
2-हमसफर नाम की गाड़ियां पूरी तरह से वातानुकूलित 3एसी के डिब्बों वाली होंगी जिनमें भोजन का भी विकल्प होगा।
3-तेजस नाम से चलाई जाने वाली नयी गाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।
4-इन दोनों ट्रेनों के परिचालन की लागत किराए के साथ साथ दूसरे तरीकों से वसूली जाएगी।
5-तीसरी प्रकार की ट्रेन उदय नाम से चलाई जाएगी जो डबल डेकर होगी।
6-उत्कृष्ट नाम से वातानुकूलित दो तला गाड़ियां चलाने की घोषणा की गई है। ये दोतला गाड़ियां व्यस्त मार्गों पर चलाने की योजना है।
7-बजट में अनारक्षित यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है।
8-सुपरफास्ट अंत्योदय एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की घोषणा।
9-ऐसे यात्रियों के लिए दीन दयालु अनारक्षित डिब्बे लगाए जाएंगे जिनमें पेयजल और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा होगी।
10-रेल विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा। रेल विकास प्राधिकरण सेवाओं की दरों के निर्धारण में रेलवे की मदद करेगा ताकि देश की यह सबसे बड़ी परिवहन प्रणाली अपनी प्रतिस्पर्धा क्षमता बनाए रख सके। साथ ही इसके ग्राहकों के हितों की भी रक्षा हो और सेवा की दक्षता, मानक स्तर की हो।
11-रेलमंत्री ने कहा कि माल ढुलाई के मामले में मौजूदा वस्तुओं की सूची के विस्तार के लिए अपने मौजूदा दृष्टिकोण से बढ़कर सोचना होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमें भाड़ा फिर से मिले।
12-वर्ष 2016-17 में भारतीय रेलवे के लिए 1,21 लाख करोड़ रुपये के योजना व्यय का प्रस्ताव किया।
13-योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वित्त पोषण की मिली-जुली व्यवस्था करने का प्रस्ताव।
14-अगले वित्त वर्ष में रेलवे को यातायात कारोबार से सकल राजस्व प्राप्ति 1.84 लाख करोड़ रपये रहने का अनुमान है। वर्ष के दौरान यात्री किराए से 51,012 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है जो चालू वित्त वर्ष के बजट से 12.4 प्रतिशत अधिक होगा।
15-रेलवे ने 2016-17 में 5 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है और उम्मीद की है कि बुनियादी क्षेत्र के स्वस्थ विकास से यह लक्ष्य हासिल हो जाएगा। माल ढुलाई से 1.17 लाख करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान है।
16-कोचिंग और छोटी मोटी सेवाओं से रेलवे को अगले वित्त वर्ष में क्रमश: 6,185 करोड़ रुपये और 9,590 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
17-आगामी वित्त वर्ष में रेलवे को पेंशन पर 45,500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
18-चालू वित्त वर्ष में रेलवे के वित्तीय कारोबार में 8,720 करोड़ रुपये की बचत दिखाई गई है।
19-सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से रेलवे पर अगले वित्त वर्ष में दबाव बढ़ने और इस कारण परिचालन अनुपात (कुल आय के मुकाबले परिचालन खर्च) बिगड़ने का अनुमान है।
20-बजट में वर्ष 2016-17 के दौरान परिचालन अनुपात बढ़कर 92 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जो चालू वित्त वर्ष में 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
21-रेलवे ने अनुमान लगाया है कि वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद उसके साधारण खर्च में वृद्धि 11.16 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। इसके लिए उसने डीजल और बिजली की खपत में कटौती की योजना बनाई है।
22-तीन नए मालगाड़ी मार्ग बनाए जाएंगे जिनमें एक उत्तर दक्षिण गलियारा दिल्ली से चेन्नई के बीच होगा, जबकि दूसरा पूरब पश्चिम गलियारा खड़गपुर से मुंबई और तीसरा पूर्वी तटीय गलियारा खड़गपुर को विजयवाड़ा से जोड़ेगा।
23-इन तीन परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है ताकि इन परियोजना प्रस्तावों को तैयार करने, उनका ठेका देने और उन पर अमल करने का काम समय पर सुनिश्चित हो सके।
24-इन तीनों परियोजनाओं के लिए धन की व्यवस्था पीपीपी (निजी सरकारी भागीदारी) मॉडल सहित नए तरीकों से की जाएगी।
25-इन परियोजनाओं में चालू वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले सिविल इंजीनियरिंग काम के सारे ठेके दिए भी जा चुके होंगे।
26-प्रभु ने कहा कि उनके रेल मंत्रालय संभालने के बाद से 24,000 करोड़ रुपये के ठेके दिए जा चुके हैं, जबकि उससे पहले के छह साल में कुल मिलाकर 13,000 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए थे।
27-2,800 किलोमीटर तक रेल पटरी को बड़ी लाइन में बदलने का प्रावधान।
28-2016-17 में रोजाना सात किलोमीटर तक नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू।
29-2018-19 तक रोजाना 19 किलोमीटर नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू करने का लक्ष्य।
30-अगले पांच साल में 8.8 लाख करोड़ रुपये अवसंरचना पर होंगे खर्च।
31-सरकार से 40 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहयोग की उम्मीद।
32-पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा।
33-रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग हो सकेगी।
34-मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति तक 17 हजार अतिरिक्त जैविक शौचालय चालू होंगे।
35-मेक इन इंडिया पहल के तहत दो नए लोको कारखाने की बोली पूरी।
36-इस साल 100 और स्टेशनों पर और अगले वर्ष 400 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा।
37-रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय कला शैली को तरजीह।
38-वडोदरा स्थिति अकादमिक संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा।
39-रेलवे 2017-18 में नौ करोड़ श्रम दिवस रोजगार पैदा करेगा। 2018-19 में 14 करोड़ श्रम दिवस का लक्ष्य।
40-वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोवर बर्थ का कोटा 50 फीसदी बढ़ेगा।
41-एलआईसी पांच साल में करेगी 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश।
42-मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर चर्चगेट और सीएसटी के बीच दो उपरिगामी रेल मार्गो का निर्माण होगा।
43-पूरे देश के लिए दिन-रात चालू रहने वाली महिला हेल्पलाइन।
44-व्यस्त मार्गो पर पूरी तरह अनारक्षित रेलगाड़ियों का संचालन।
45-नए शोध एवं विकास (आरएंडडी) संगठन होंगे स्थापित।
46-रेल कर्मचारियों के स्टार्ट-अप में होगा 50 करोड़ रुपये का निवेश।
47-रेल यात्रियों के लिए पसंदीदा स्थानीय व्यंजन होंगे उपलब्ध।
48-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने की पूरी कोशिश।
49-रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण का काम पटरी पर रखने के लिए राजस्व के नए स्रोत तलाशे जाएंगे, खर्च घटाए जाएंगे और परिचालन का नया ढांचा लागू किया जाएगा।
50-यात्री किराए में और न ही माल भाड़े की दरों में कोई छेड़छाड़।



बिहार, झारखण्ड व पश्चिम बंगाल को क्या मिला....

Announcements for Bihar in Railway Budget 2016-17

Amount in Rs. Crore

Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total Outlay    % increase from last year      
2009-10    2010-11    2011-12    2012-13    2013-14    2014-15    2015-16    2016-17    15-16 vs 16-17      
994.2    890.8    1090.6    1444    1244.8    1023    2489    3171    29%   

New Works

S.No    Name of Survey/Project    Plan head    Allocation    Approx Length (Km)    Cost (Rs in Crore)      
     Survey                        
1    Dehri-On-Son – BhunathpurNew line    NL        39    0.06      
2    Madhubani-Benipatti-PupriNew line    NL        45    0.07      
3    Sitamarhi-Janakpur via BathnahaNew line    NL        45    0.07      
4    Radhkpuir -Barsoi Doubling    DL        52    0.20      
     New Work                      
1    Vikramshila-KatareahNew line    NL    Cap & EBR (Partnership)    18    1601      
2    Triangle between KarotaPatner to Mankatha Station Doubling    DL    Cap & EBR (IF)    10    130.9      
3    Gaya Bye pass Doubling    DL    Cap & EBR (IF)    2    12.56      
4    GMO- Flyover for DN trains Doubling    DL    Cap & EBR (IF)    15    94.56      
5    Muzaffarpur-Sugauli doubling    DL    Cap & EBR (IF) Cap & EBR (IF)    100.6    731.64      
6    Sagauli-Valmiknagar doubling    DL    Cap & EBR (IF)    109.7    744.04   

New ROB/RUB Sanctioned

2011-12    2012-13    2013-14    2014-15    2015-16    2016-17      
ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB
/Subways    ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways      
20    0    1    0    21    109    5    0    47    28    25    4   

 
Details of ROB/RUB    ROB/ RUB/ Subway    No. of ROBs/ RUBs      
Nabinagar Yard- Road over bridge in lieu of level crossing No. 29    ROB    1      
Raghunathpur-Twinninganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 59 in Raghunathpur Yard    ROB    1      
Muzaffarpur-Sagauli - Road over bridge in lieu of level crossing No. 145 in Pipra Yard    ROB    1      
Muirpur Road-Sagauli- Road over bridge in lieu of level crossing No. 158 between Jivdhara-BapuDhamMotihari    ROB    1      
Muirpur Road-Sagauli- Road over bridge in lieu of level crossing No. 163 between Jivdhara-BapuDhamMotihari    ROB    1      
Muirpur Road-Sagauli- Road over bridge in lieu of level crossing No. 175 between Semra-Sagauli    ROB    1      
Sagauli-Raxaul- Road over bridge in lieu of level crossing No. 11 between Raxaul-Ramgharwa    ROB    1      
Sagauli-Raxaul- Road over bridge in lieu of level crossing No. 1 between Sagauli-Ramgharwa    ROB    1      
Saharsa-Paniara - Road over bridge in lieu of level crossing No. 95 between Baijnahpur-DauramMadhepura    ROB    1      
Saharsa-Paniara- Road over bridge in lieu of level crossing No. 90 in DauramMadhepura Yard    ROB    1      
Saharsa-Purnea- Road over bridge in lieu of  level crossing No. 104 between Saharsa-Baijnathpur    ROB    1      
Darbhanga-Sakri- Road over bridge in lieu of level crossing No. 39 in Sakri Yard    ROB    1      
Subways in lieu of level crossings No.57, 58, 60 between KopaSamhota-Daudpur    Subway    3      
Bansipur-Kiul- Road over bridge in lieu of level crossing No. 55    ROB    1      
Patna-Gaya- Road over bridge in lieu of level crossing No. 21/A in Taregna yard     ROB    1      
Tall-Mokama- Road over bridge in lieu of level crossing No. 50    ROB    1      
Mokama-Mor- Road over bridge in lieu of level crossing No. 51    ROB    1      
Punarakh-Barh- Road over bridge in lieu of level crossing No. 53/1    ROB    1      
Barh-Athmalgola- Road over bridge in lieu of level crossing No. 54 (RH Yard)    ROB    1      
Danapur-Neora- Road over bridge in lieu of level crossing No. 39    ROB    1      
Darbhanga-Sitamarhi- Road over bridge in lieu of level crossing No. 55 between Parsauni-Sitamarhi    ROB    1      
Subways in lieu of level crossings No. 103 between Jiradei-Mairwa    Subway    1      
Narkatiaganj-Paniyahawa- Road over bridge in lieu of level crossing No. 55 between Bugha-Valmikinagar    ROB    1      
Narkatiaganj-Paniyahawa- Road over bridge in lieu of level crossing No. 59 between Bugha-Valmikinagar    ROB    1      
Sagauli-Narkatiaganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 184 between Majhaulia-Bettiah    ROB    1      
Sagauli-Narkatiaganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 188 between Majhaulia-Bettiah    ROB    1      
Sagauli-Narkatiaganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 178 between Sagauli-Majhaulia    ROB    1   

New Railway Electrification work

SN    Name of Section    Rly    Approx. Length (km)    Cost           (Rs. in cr)      
1    Mansi-Sahrsa-DauraMadhepura -Purnea-Katihar    ECR    172    227.14   




Railway Electrification work under joint venture

SN    Name of Section    Rly    Approx. Length    Cost (Rs. in cr)      
1    Ara - Sasaram    ECR    97    76.51      
2    Darbhanga-Jaynagar    ECR    81    106      
3    Raxaul-Sitamarhi-Darbanga-Samastipur    ECR    231    305.05      
4    Kaptanganj-Thawe-Khairah-ChhapraKacheri    NER    206    144.18   








Announcements for Jharkhand in Railway Budget 2016-17

Amount in Rs. Crore

Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total Outlay    % increase       
2009-10    2010-11    2011-12    2012-13    2013-14    2014-15    2015-16    2016-17    15-16 vs 16-17      
237.5    418.5    509.2    466.5    654.2    504    1894    2235    37%   

New Works

S.No.    Name of Survey/Project    Plan head    Allocation    Approx Length (Km)    Cost (Rs in Crore)      
    Survey                        
1    Dehri-On-Son – Bhunathpur New line    NL        39    0.06      
    New Work                        
1    Vikramshila- Katareah New line    NL    Cap & EBR (Partnership)    18    1601      
2    ROR Flyover at Gharwa Road New line    DL    Cap & EBR (IF)    10    48.73      
3    Chitra-Basukinath New line    NL    Cap & EBR (Partnership)    37    859      
4    Godda-Pakur New line    NL    Cap & EBR (Partnership)    80    1723   

New ROB/RUB Sanctioned

2011-12    2012-13    2013-14    2014-15    2015-16    2016-17      
ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways        ROB    RUB
/Subways    ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways    ROB    RUB/
Subways      
4    0    2    1    16    95    1    0    2    44    12    5   
 
Details of ROB/RUB    ROB/ RUB/ Subway    No. of ROBs/ RUBs      
Demu-Latehar- Road over bridge in lieu of level crossing No. 35/B/T (S&T No.13/B/T)    ROB    1      
Dhanbad-Kusunda- Road over bridge in lieu of level crossing No. 2/B/3T    ROB    1      
Phusro-Amlo- Road over bridge in lieu of level crossing No. 13/Spl/T    ROB    1      
Bhandaridah-Phusro- Road over bridge in lieu of level crossing No. 10/Spl/E    ROB    1      
Amlo-Bermo- Road over bridge in lieu of level crossing No. 14/Spl/E    ROB    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossings Nos. BG-14 & BG-15- 2 Nos.     Subway    2      
Kasitarh-Vidyasagar - Road over bridge in lieu of level crossing No. 13/B/E    ROB    1      
Kasitarh-Vidyasagar- Road over bridge in lieu of level crossing No. 14/A/T    ROB    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossing Nos. AM-50/AM-51- 1 No.    Subway    1      
Chainpur-Karmahat- Road over bridge in lieu of level crossing No 26/Spl/T    ROB    1      
Asanboni-Salgajhari- Road over bridge in lieu of level crossing No. 138    ROB    1      
Sahibganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 82-B/T near west cabin    ROB    1      
Sakrigali-Sahibganj- Road over bridge in lieu of level crossing No. 56/T    ROB    1      
Bhurkunda-Patratu- Road over bridge in lieu of level crossing No. 39/Spl/T    ROB    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossing Nos.  JC-48 and JC-54- 2 Nos.    Subway    2   

New Railway Electrification work

SN    Name of Section    Rly    Approx. Length (km)    Cost   (Rs. in cr)      
1    Ranchi- Lohardaga-Tori     SER    116    102.66   






Announcements for West Bengal in Railway Budget 2016-17

Amount in Rs. Crore

Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total  Outlay    Total Outlay      
2009-10    2010-11    2011-12    2012-13    2013-14    2014-15    2015-16    2016-17      
1145.6    2193.7    10888.5    6067.9    1604.1    3059    3793    3820   

New Works

S.
No.    Name of Survey    Plan
Head    Allocation    Approx. Length
(Km)    Cost
(Rs in Cr)      
     Survey                         
1    Digha-Rupsa via Baliapal new line    NL        58    0.09      
2    Radhkpuir -Barsoi    DL        52    0.20      
     New Work                         
1    New Mainaguri- Gumanihat remaining portion    DL    Cap & EBR (IF)    51.65    556.31      
2    Damodar-Mohisila doubling    DL    Cap & EBR (IF)    8    70.91      
3    Narayangarh-Bhadrak 3rd line    DL    Cap & EBR (IF)    155    2037.13      
4    Haldibari to International border    NL    Cap & EBR (IF)    3    67      
5    Central Park Metro-Haliram    MTP    Cap & EBR (IF)    6    1347   

 
Details of ROB/RUB    ROB/ RUB/ Subway    No. of ROBs/ RUBs      
Road over bridge in lieu of level crossing No. 1-A/E-3 over old GT Road near Kumarpur on Barachak-Hirapur Yard line    ROB    1      
Adra-Sanka- Subway in lieu of level crossing No. AM-5    Subway    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossing Nos. AM-3, KA-120-- 2 Nos.    Subway    2      
Barasat-Hasnabad- Road over bridge in lieu of level crossing No. E/39 between Champapukur-Basirhat    ROB    1      
Katwa- Road over bridge in lieu of level crossing No. 22 (Spl)    ROB    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossing Nos.PK-1/PK-2, PK-7,PK-10, MR-27, JC-8, JC-30, RA-2- 7 Nos.    Subway    7      
Panskura- Road over bridge in lieu of level crossing No. 47 between Howrah-Kharagpur    ROB    1      
Santragachi- Road over bridge in lieu of level crossing No. 6 (Buxara Gate) on Howrah-Kharagpur    ROB    1      
Adra Division- Subway in lieu of level crossing Nos.PK-1/PK-2, PK-7,PK-10, MR-27, JC-8, JC-30, RA-2- 7 Nos.    Subway    7      
Sealdah-Ranaghat- Road over bridge in lieu of level crossing No. 50/T between Simurali-Chakdaha    ROB    1      
Ranaghat-Lalgola- Road over bridge in lieu of level crossing No. 60B between Birnagar-Badkulla    ROB    1      
New Jalpaiguri-Aluabari- Road over bridge in lieu of level crossing No. NC-5 between Rangapani-New Jalpaiguri    ROB    1      
Dumdum-Dankuni- Replacement of old steel girder of Br. No.15 CCR into Road Under Bridge (RCC box) between Bally Ghat-Bally Halt    Subway    1   

Kolkata Metro
·    Ongoing Metro works of around 100 kms which when completed would quadruple the installed capacity.
·    Resolved all issues related to East West Corridor of Kolkata Metro and Phase I of this project would be completed by June 2018.
·    Working on the possibility of extending the East West Corridor by 5 km

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सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

निदा फाजली को मेरी श्रद्धांजलि : साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतिमूर्ति का इंतकाल / My Tribute to Nida Fazli




जन्म : 12 अक्तूबर 1938 (दिल्ली)- निधन : 8 फ़रवरी 2016 (मुंबई)  


-शीतांशु कुमार सहाय
बचपन से जिनके नज्मों, गीतों और गजलों को सुनकर मैंने कुछ तुकबन्दी लिखना सीखा, उस महान साहित्यकार निदा फाजली के निधन को वास्तव में मैं व्यक्तिगत क्षति मानता हूँ। वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल व व्यावहारिक समर्थक थे। साम्प्रदायिक सौहार्द की बातें उनकी रचनाओं में मुखरित होती रही हैं। वर्तमान में उनकी रचनाओं से हमें सीख लेने की जरूरत है। मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली का सोमवार ८ फ़रवरी २०१६ को दिल का दौरा पड़ने से मुंबई में निधन हो गया। वह ७७ साल के थे। शायरी की दुनिया में निजा जाना-पहचाना नाम थे। उन्‍होंने शायरी और गजल के अलावा कई फिल्‍मों के लिए गाने भी लिखे। मुक़्तदा हसन निदा फ़ाज़ली- एक ऐसा शायर, जो जीता रहा, वही लिखता रहा। अपने वक्‍त की तमाम दरो दीवारों को चंद शब्‍दों से हटाता रहा, तोड़ता रहा और इंसानियत की ऐसी दुनिया रचने की कोशिश में लगा रहा, जो मस्‍जिदों से बाहर थी, मंदिरों से दूर थी और गिरिजाघरों की दीवारों से अलग थी। शायर जो बच्‍चे की मुस्‍कान में खुदा ढूंढता रहा,  किसी रोते हुए को हंसाने की कोशिश में लगा रहा,  दिलों को मिलाने और जोड़ने की कोशिश में लगा रहा, जिंदगी को किताबों से बाहर तलाशता रहा, ऐसे शायर का ऐसे बिना कुछ कहे, अचानक चले जाना सालता है, और उन तमाम लोगों का सन्‍न कर जाता है, जो आप में होते हुए इस दुनिया के साथ आपकी तरह ही चलते रहे। मुक़्तदा हसन निदा फ़ाज़ली या मात्र निदा फ़ाज़ली हिन्दी और उर्दू के मशहूर शायर थे। वो छोटी उम्र से ही लिखने लगे थे। निदा फ़ाज़ली इनका लेखन का नाम है। निदा का अर्थ है स्वर। फ़ाज़िला क़श्मीर के एक इलाके का नाम है जहाँ से निदा के पुरखे आकर दिल्ली में बस गए थे, इसलिए उन्होंने अपने उपनाम में फ़ाज़ली जोड़ा। जब वह पढ़ते थे तो उनके सामने की पंक्ति में एक लड़की बैठा करती थी जिससे वो एक अनजाना, अनबोला सा रिश्ता अनुभव करने लगे थे। लेकिन एक दिन कॉलेज के बोर्ड पर एक नोटिस दिखा "Miss Tondon met with an accident and has expired" (कुमारी टंडन का एक्सीडेण्ट हुआ और उनका देहान्त हो गया है)। निदा बहुत दु:खी हुए और उन्होंने पाया कि उनका अभी तक का लिखा कुछ भी उनके इस दुख को व्यक्त नहीं कर पा रहा है, ना ही उनको लिखने का जो तरीका आता था उसमें वो कुछ ऐसा लिख पा रहे थे जिससे उनके अंदर का दुख की गिरहें खुलें। 
एक दिन सुबह वह एक मंदिर के पास से गुजरे जहाँ पर उन्होंने किसी को सूरदास का भजन मधुबन तुम क्यौं रहत हरे? बिरह बियोग स्याम सुंदर के ठाढ़े क्यौं न जरे? गाते सुना, जिसमें कृष्ण के मथुरा से द्वारका चले जाने पर उनके वियोग में डूबी राधा और गोपियाँ फुलवारी से पूछ रही होती हैं ऐ फुलवारी, तुम हरी क्यों बनी हुई हो? कृष्ण के वियोग में तुम खड़े-खड़े क्यों नहीं जल गईं? वह सुन कर निदा को लगा कि उनके अंदर दबे हुए दुख की गिरहें खुल रही है। फिर उन्होंने कबीरदास, तुलसीदास, बाबा फ़रीद इत्यादि कई अन्य कवियों को भी पढ़ा और उन्होंने पाया कि इन कवियों की सीधी-सादी, बिना लाग लपेट की, दो-टूक भाषा में लिखी रचनाएँ अधिक प्रभावकारी है जैसे सूरदास की ही उधो, मन न भए दस बीस। एक हुतो सो गयौ स्याम संग, को अराधै ते ईस॥, न कि मिर्ज़ा ग़ालिब की एब्सट्रैक्ट भाषा में "दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है?"। तब से वैसी ही सरल भाषा सदैव के लिए उनकी अपनी शैली बन गई। हिन्दू-मुस्लिम क़ौमी दंगों से तंग आ कर उनके माता-पिता पाकिस्तान जा के बस गए, लेकिन निदा यहीं भारत में रहे। कमाई की तलाश में कई शहरों में भटके। उस समय बम्बई (मुंबई) हिन्दी/ उर्दू साहित्य का केन्द्र था और वहाँ से धर्मयुग/ सारिका जैसी लोकप्रिय और सम्मानित पत्रिकाएँ छपती थीं तो १९६४ में निदा काम की तलाश में वहाँ चले गए और धर्मयुग, ब्लिट्ज़ जैसी पत्रिकाओं, समाचार पत्रों के लिए लिखने लगे। उनकी सरल और प्रभावकारी लेखनशैली ने शीघ्र ही उन्हें सम्मान और लोकप्रियता दिलाई। उर्दू कविता का उनका पहला संग्रह १९६९ में छपा। यहाँ मैं हिन्दी व उर्दू के प्रतिष्ठित कलमकार निदा फाजली की कुछ रचनाएँ पेश कर रहा हूँ। इनमें जो सबसे पहली रचना है, वह मुझे सबसे प्रिय है। १९८१ में रिलीज हुई फिल्म 'आहिस्ता-आहिस्ता' का यह गाना जब भी बजता, संगीत से प्यार करनेवाले हर शख्स गीतकार निदा फाजली को याद करते हैं-

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता
कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता

बुझा सका है भला कौन वक़्त के शोले
ये ऐसी आग है जिसमें धुआँ नहीं मिलता

तमाम शहर में ऐसा नहीं ख़ुलूस न हो
जहाँ उमीद हो सकी वहाँ नहीं मिलता

कहाँ चिराग़ जलायें कहाँ गुलाब रखें
छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता

ये क्या अज़ाब है सब अपने आप में गुम हैं
ज़बाँ मिली है मगर हमज़बाँ नहीं मिलता

चिराग़ जलते ही बीनाई बुझने लगती है
खुद अपने घर में ही घर का निशाँ नहीं मिलता

जिसे भी देखिये वो अपने आप में गुम है
ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबा नहीं मिलता

तेरे जहान में ऐसा नहीं कि प्यार न हो
जहाँ उम्मीद हो इस की वहाँ नहीं मिलता
(गायक : भूपेंद्र, संगीतकार : खय्याम, चित्रपट : आहिस्ता-आहिस्ता (१९८१))

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मस्जिदों-मन्दिरों की दुनिया में
मुझको पहचानते कहाँ हैं लोग

रोज़ मैं चाँद बन के आता हूँ
दिन में सूरज-सा जगमगाता हूँ

खनखनाता हूँ माँ के गहनों में
हँसता रहता हूँ छुप के बहनों में

मैं ही मज़दूर के पसीने में
मैं ही बरसात के महीने में

मेरी तस्वीर आँख का आँसू
मेरी तहरीर जिस्म का जादू

मस्जिदों-मन्दिरों की दुनिया में
मुझको पहचानते नहीं जब लोग

मैं ज़मीनों को बे-ज़िया करके
आसमानों में लौट जाता हूँ

मैं ख़ुदा बन के क़हर ढाता हूँ

शब्दार्थ :- तहरीर= लिखावट,  ज़िया= प्रकाश

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बृन्दाबन के कृष्ण-कन्हैय्या अल्लाह हू
बँसी राधा गीता गैय्या अल्लाह हू

थोड़े तिनके थोड़े दाने थोड़ा जल
एक ही जैसी हर गौरय्या अल्लाह हू

जैसा जिस का बर्तन वैसा उस का तन
घटती बढ़ती गंगा मैय्या अल्लाह हू

एक ही दरिया नीला पीला लाल हरा
अपनी अपनी सब की नैय्या अल्लाह हू

मौलवियों का सजदा पंडित की पूजा
मज़दूरों की हैय्या हैय्या अल्लाह हू

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नज़दीकियों में दूर का मंज़र तलाश कर
जो हाथ में नहीं है वो पत्थर तलाश कर।

सूरज के इर्द-गिर्द भटकने से फ़ाएदा
दरिया हुआ है गुम तो समुंदर तलाश कर।

तारीख़ में महल भी है हाकिम भी तख़्त भी
गुम-नाम जो हुए हैं वो लश्कर तलाश कर।

रहता नहीं है कुछ भी यहाँ एक सा सदा
दरवाज़ा घर का खोल के फिर घर तलाश कर।

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन
फिर उस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर।

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उठ के कपड़े बदल
घर से बाहर निकल
जो हुआ सो हुआ॥

जब तलक साँस है
भूख है प्यास है
ये ही इतिहास है
रख के कांधे पे हल
खेत की ओर चल
जो हुआ सो हुआ॥

खून से तर-ब-तर
कर के हर राहगुज़र
थक चुके जानवर
लकड़ियों की तरह
फिर से चूल्हे में जल
जो हुआ सो हुआ॥

जो मरा क्यों मरा
जो जला क्यों जला
जो लुटा क्यों लुटा
मुद्दतों से हैं गुम
इन सवालों के हल
जो हुआ सो हुआ॥

मंदिरों में भजन
मस्ज़िदों में अज़ाँ
आदमी है कहाँ
आदमी के लिए
एक ताज़ा ग़ज़ल
जो हुआ सो हुआ।।

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ये दिल कुटिया है संतों की यहाँ राजा भिकारी क्या
वो हर दीदार में ज़रदार है गोटा किनारी क्या

ये काटे से नहीं कटते ये बांटे से नहीं बंटते
नदी के पानियों के सामने आरी कटारी क्या

उसी के चलने-फिरने, हंसने-रोने की हैं तस्वीरें
घटा क्या, चाँद क्या, संगीत क्या, बाद-ए-बहारी क्या

किसी घर के किसी बुझते हुए चूल्हे में ढूँढ उसको
जो चोटी और दाढ़ी में रहे वो दीनदारी क्या

हमारा मीर जी से मुत्तफ़िक़ होना है नामुमकिन
उठाना है जो पत्थर इश्क़ का तो हल्का-भारी क्या

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बेसन की सोंधी रोटी पर
खट्टी चटनी जैसी माँ

याद आती है चौका-बासन
चिमटा फुकनी जैसी माँ

बाँस की खुर्री खाट के ऊपर
हर आहट पर कान धरे

आधी सोई आधी जागी
थकी दोपहरी जैसी माँ

चिड़ियों के चहकार में गूंजे
राधा-मोहन अली-अली

मुर्ग़े की आवाज़ से खुलती
घर की कुंडी जैसी माँ

बिवी, बेटी, बहन, पड़ोसन
थोड़ी थोड़ी सी सब में

दिन भर इक रस्सी के ऊपर
चलती नटनी जैसी माँ

बाँट के अपना चेहरा, माथा,
आँखें जाने कहाँ गई

फटे पुराने इक अलबम में
चंचल लड़की जैसी माँ

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होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िन्दगी क्या चीज़ है

उन से नज़रें क्या मिली रोशन फिजाएँ हो गईं
आज जाना प्यार की जादूगरी क्या चीज़ है

ख़ुलती ज़ुल्फ़ों ने सिखाई मौसमों को शायरी
झुकती आँखों ने बताया मयकशी क्या चीज़ है

हम लबों से कह न पाये उन से हाल-ए-दिल कभी
और वो समझे नहीं ये ख़ामोशी क्या चीज़ है

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सब की पूजा एक सी, अलग-अलग हर रीत
मस्जिद जाये मौलवी, कोयल गाये गीत

पूजा घर में मूर्ती, मीरा के संग श्याम
जितनी जिसकी चाकरी, उतने उसके दाम

सीता, रावण, राम का, करें विभाजन लोग
एक ही तन में देखिये, तीनों का संजोग

मिट्टी से माटी मिले, खो के सभी निशां
किस में कितना कौन है, कैसे हो पहचान

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तुम्हारी कब्र पर मैं
फ़ातेहा पढ़ने नही आया,

मुझे मालूम था, तुम मर नही सकते
तुम्हारी मौत की सच्ची खबर
जिसने उड़ाई थी, वो झूठा था,
वो तुम कब थे?
कोई सूखा हुआ पत्ता, हवा मे गिर के टूटा था।

मेरी आँखे
तुम्हारी मंज़रो मे कैद है अब तक
मैं जो भी देखता हूँ, सोचता हूँ
वो, वही है
जो तुम्हारी नेक-नामी और बद-नामी की दुनिया थी।

कहीं कुछ भी नहीं बदला,
तुम्हारे हाथ मेरी उंगलियों में सांस लेते हैं,
मैं लिखने के लिये जब भी कागज कलम उठाता हूं,
तुम्हे बैठा हुआ मैं अपनी कुर्सी में पाता हूं।

बदन में मेरे जितना भी लहू है,
वो तुम्हारी लगजिशों नाकामियों के साथ बहता है,
मेरी आवाज में छुपकर तुम्हारा जेहन रहता है,
मेरी बीमारियों में तुम, मेरी लाचारियों में तुम।

तुम्हारी कब्र पर जिसने तुम्हारा नाम लिखा है,
वो झूठा है, वो झूठा है, वो झूठा है,
तुम्हारी कब्र में मैं दफन, तुम मुझमें जिन्दा हो,
कभी फुरसत मिले तो फातहा पढनें चले आना |

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कहीं छत थी दीवार-ओ-दर थे कहीं
मिला मुझको घर का पता देर से
दिया तो बहुत ज़िन्दगी ने मुझे
मगर जो दिया वो दिया देर से

हुआ न कोई काम मामूल से
गुज़ारे शब-ओ-रोज़ कुछ इस तरह
कभी चाँद चमका ग़लत वक़्त पर
कभी घर में सूरज उगा देर से

कभी रुक गये राह में बेसबब
कभी वक़्त से पहले घिर आई शब
हुये बंद दरवाज़े खुल खुल के सब
जहाँ भी गया मैं गया देर से

ये सब इत्तिफ़ाक़ात का खेल है
यही है जुदाई यही मेल है
मैं मुड़ मुड़ के देखा किया दूर तक
बनी वो ख़ामोशी सदा देर से

सजा दिन भी रौशन हुई रात भी
भरे जाम लहराई बरसात भी
रहे साथ कुछ ऐसे हालात भी
जो होना था जल्दी हुआ देर से

भटकती रही यूँ ही हर बंदगी
मिली न कहीं से कोई रौशनी
छुपा था कहीं भीड़ में आदमी
हुआ मुझ में रौशन ख़ुदा देर से

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हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा
मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समंदर मेरा

किससे पूछूँ कि कहाँ गुम हूँ बरसों से
हर जगह ढूँढता फिरता है मुझे घर मेरा

एक से हो गए मौसमों के चेहरे सारे
मेरी आँखों से कहीं खो गया मंज़र मेरा

मुद्दतें बीत गईं ख़्वाब सुहाना देखे
जागता रहता है हर नींद में बिस्तर मेरा

आईना देखके निकला था मैं घर से बाहर
आज तक हाथ में महफ़ूज़ है पत्थर मेरा

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अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं

पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है
अपने ही घर में किसी दूसरे घर के हम हैं

वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों तक
किसको मालूम कहाँ के हैं किधर के हम हैं

चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब
सोचते रहते हैं कि किस राहगुज़र के हम हैं

गिनतियों में ही गिने जाते हैं हर दौर में हम
हर क़लमकार की बेनाम ख़बर के हम हैं

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बदला न अपने आप को जो थे वही रहे
मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे

दुनिया न जीत पाओ तो हारो न ख़ुद को तुम
थोड़ी बहुत तो ज़हन में नाराज़गी रहे

अपनी तरह सभी को किसी की तलाश थी
हम जिसके भी क़रीब रहे दूर ही रहे

गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे

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कुछ तबीयत ही मिली थी ऐसी चैन से जीने की सूरत ना हुई
जिसको चाहा उसे अपना ना सके जो मिला उससे मुहब्बत ना हुई

जिससे जब तक मिले दिल ही से मिले दिल जो बदला तो फसाना बदला
रस्में दुनिया की निभाने के लिए हमसे रिश्तों की तिज़ारत ना हुई

दूर से था वो कई चेहरों में पास से कोई भी वैसा ना लगा
बेवफ़ाई भी उसी का था चलन फिर किसीसे भी शिकायत ना हुई

वक्त रूठा रहा बच्चे की तरह राह में कोई खिलौना ना मिला
दोस्ती भी तो निभाई ना गई दुश्मनी में भी अदावत ना हुई